आईआईटी रुड़की पहुंची नागरिकता संशोधन कानून की आंच, पक्ष और विपक्ष में हुई नारेबाजी IITRoorkee SupremeCourt CAA PMOIndia HMOIndia
इन्होंने स्टूडेंट्स क्लब में अपने हाथों में पोस्टर लेकर नारेबाजी की। आईआईटी के अधिकारियों की ओर से हालांकि इसकी इजाजत नहीं दी गई, लेकिन संस्थान प्रशासन की ओर से छात्रों के इस कदम का विरोध भी नहीं किया गया। वहीं, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और जामिया मिलिया के छात्रों के विरोध और समर्थन को लेकर भी छात्र बंटे दिखे।
बुधवार को कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन ने सीएए के खिलाफ नगरपालिका कार्यालय के बाहर समर्थकों के साथ धरना दिया। उन्होंने कहा कि सीएए लाने की कोई जरूरत नहीं थी। मुसलमानों के प्रति भेदभाव करने वाला काला कानून है, जिसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार सीएए के बाद पूरे देश में एनआरसी लागू करने की तैयारी में है। यह लागू हुआ तो लोगों को नागरिकता साबित करने के लिए कई तरह की दिक्कतों का सामना करना...
जुलूस बादशाह चौक से होते हुए मेन बाजार, नगर निगम पुल, सिविल लाइंस से होते हुए तहसील पहुंचा। इस दौरान लोगों ने विधेयक को वापस लेने की मांग करते हुए नारेबाजी की। इसके बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नमामि बंसल को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि सीएए भारतीय नागरिकों के मूल अधिकारों के खिलाफ है। इससे लोगों में भारी गुस्सा है। इस दौरान जुलूस में डॉ.
उन्होंने कहा कि लोग इस बिल की आड़ में देश की शांति व्यवस्था को खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। छात्र नेता विशाल भारद्वाज ने कहा कि इस बिल के विरोध की आड़ में जो लोग हिंसा फैला रहे हैं वो सब कांग्रेस और वामपंथियों की पूरी योजना है। वह नहीं चाहते देश में शांति बनी रहे। एबीवीपी नगर मंत्री करन वर्मा ने कहा कि यह बिल दूसरे देशों में बसे हिंदू, बौद्ध, सिख, ईसाई आदि लोगों को नागरिकता प्रदान करने वाला है, न कि भारत के किसी व्यक्ति की नागरिकता लेने वाला। इस बिल का विरोध करने वाले लोग भारत की सुरक्षा के...
स्टूडेंट्स क्लब पर जुटे छात्रों में अलबत्ता सीएए और एनआरसी का विरोध करने वाले छात्रों की संख्या कम बताई गई। ज्यादातर इसके समर्थन में एकत्र हुए थे। उन्होंने सीएए और एनआरसी के समर्थन में नारे लगाए। मौके पर शोध छात्रों ने कहा कि भारतीय हमेशा से मानवता के रक्षक रहे हैं इसी कारण उसने शरणार्थियों को शरण दी। कहा कि केंद्र सरकार ने एनआरसी और सीएए के जरिये उन्हें नागरिकता का मौका देकर अच्छा कदम उठाया है। कहा कि इससे भी धर्म या संप्रदाय का अहित नहीं होगा। इस दौरान इन छात्रों ने एएमयू और जामिया के छात्रों...
खासतौर पर गरीब और अनपढ़ लोग कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाएंगे। उन्होंने कहा कि विश्व में भारत की ताकत कम हो रही है। छोटे-छोटे पड़ोसी देश भारत को आंख दिखा रहे हैं। बाद में विधायक ने धरना स्थल पर पहुंचे एएसडीएम रविंद्र बिष्ट को विधायक ने ज्ञापन सौंपकर राष्ट्रपति से सीएए को रद्द करने की मांग की। इस मौके पर रुड़की के पूर्व मेयर यशपाल राणा, जितेंद्र पुंडीर, पूर्व पालिकाध्यक्ष चौधरी इस्लाम, मुफ्ती मासूम कासमी, फरमान अहमद, शराफत अंसारी, शकील अहमद, शाह वकार चिश्ती, तहसीन अंसारी, पप्पू ठेकेदार आदि धरना स्थल...
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