रूस ने भारतीय मीडिया से जताई कड़ी नाराज़गी, कही कई बातें
रूस इन दिनों भारतीय मीडिया से ख़ासा नाराज़ है. रूसी विदेश मंत्रालय ने भारतीय मीडिया में कज़ाख़स्तान और यूक्रेन की कवरेज को लेकर भारतीय मीडिया को आड़े हाथों लिया है.
रूस ने पहली आपत्ति सात जनवरी को कज़ाख़स्तान में अपने सैनिकों को भेजने को लेकर भारतीय मीडिया में जिस तरह से रिपोर्ट छपी, उस पर जताई. यह आपत्ति भारत स्थित रूसी दूतावास की तरफ़ से जताई गई है. रूस का कहना है कि भारतीय मीडिया कज़ाख़स्तान में रूसी सैनिकों के जाने को लेकर पूरा सच नहीं बता रहा है. रूसी दूतावास की तरफ़ से जारी प्रेस नोट में लिखा गया है, ''कज़ाख़स्तान में जब हिंसा भड़की और वहां राजनीतिक अस्थिरता का संकट मंडराता हुआ दिखा, तब हमारी नज़र बनी हुई थी. कज़ाख़स्तान हमारा दोस्त मुल्क है और रूस के साथ उसकी रणनीतिक साझेदारी है. वहाँ भड़की हिंसा देश की सुरक्षा और अखंडता को बाधित करने की कोशिश थी. इसमें प्रशिक्षित और संगठित बाहरी समूहों का इस्तेमाल किया गया. कज़ाख़स्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट तोकायेव ने कलेक्टिव सिक्यॉरिटी ट्रीटी ऑर्गेनाइज़ेशन के तहत मदद मांगी.
रूसी विदेश मंत्रालय ने भी भारतीय मीडिया में इस 'सच' को नहीं बताने पर आपत्ति जताई है. रूसी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है, ''15 मई, 1992 को कलेक्टिव सिक्यॉरिटी ट्रीटी पर सहमति बनी थी और इसके अनुच्छेद चार के अनुसार, सदस्य देशों में स्थिरता कायम रखने और राष्ट्रीय सुरक्षा और अखंडता पर बाहरी हमले को बचाने के लिए सदस्य देश के अनुरोध पर सैन्य और अन्य तरह की मदद भेजी जाएगी.