चंद्रशेखर आजाद की जमानत जब्त, गोरखपुर में SP के साथ मिलकर लड़ते तो क्या होता?

Malaysia News News

चंद्रशेखर आजाद की जमानत जब्त, गोरखपुर में SP के साथ मिलकर लड़ते तो क्या होता?
Malaysia Latest News,Malaysia Headlines
  • 📰 Quint Hindi
  • ⏱ Reading Time:
  • 65 sec. here
  • 3 min. at publisher
  • 📊 Quality Score:
  • News: 29%
  • Publisher: 51%

UttarPradeshElections2022 | Mayawati के सूर्यास्त से चंद्रशेखर के सूर्योदय के अंदाजे लगाए जा रहे थे, लेकिन नतीजे ऐसा नहीं बता रहे | WaqarJournalist

) ने जीत दर्ज की है. लेकिन गोरखपुर से एक और बड़ा चेहरा मैदान में था, आजाद समाज पार्टी के टिकट पर चंद्रशेखर रावण . जो पहले समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन की गांठ को सुलझाने में लगे रहे और अंत में अकेले चुनाव मैदान में उतरे. चंद्रशेखर रावण की बात इसलिए हो रही है क्योंकि उन्हें उभरता हुआ दलित चेहरा माना जा रहा था और मायावती के सूर्यास्त से चंद्रशेखर के सूर्योदय के अंदाजे लगाए जा रहे थे.

चंद्रशेखर आजाद रावण ने बड़ा दिल दिखाते हुए गोरखपुर से लगातार सांसद बनते आ रहे और मौजूदा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गोरखपुर में ही टक्कर देना चुना. हालांकि यहां उन्हें हार का समना करना पड़ा. चंद्रशेखर रावण को यहां मात्र 7640 वोट मिले हैं. जबकि गोरखपुर शहरी सीट पर लगभग 40 हजार दलित वोटर हैं.गोरखपुर में दलितों ने भी बीजेपी को वोट दिया?

दलित वोटर को मायावती का कोर वोटर माना जाता था लेकिन लगता है इस बार बीजेपी ने इसमें तगड़ी सेंधमारी की है. जरा देखिए कि गोरखपुर शहरी सीट पर 45 हजार से ज्यादा वोटर हैं. बीएसपी और चंद्रशेखर आजाद के मतों को मिला भी लिया जाये तो 15 हजार के करीब ही होते हैं मतलब दोनों को मिलाकर दलितों की संख्या के आधे वोट भी नहीं मिले. इनसे अच्छा प्रदर्शन यहां समाजवादी पार्टी ने किया.चंद्रशेखर आजाद रावण लंबे समय से आंदोलन करते रहे हैं और भीम आर्मी के जरिए सुर्खियों में भी रहे.

हालांकि चंद्रशेखर रावण ये कह सकते हैं कि उन्होंने यूपी में बीजेपी के सबसे कद्दावर नेता को उसी के दुर्ग में जाकर ललकारा. भले ही उनकी हार हुई लेकिन अपनी विचारधारा पर वो अड़े रहे. इस बात का प्रचार भविष्य में करके वो मायावती की खिसकती जमीन पर पैर जमाने की कोशिश कर सकते हैं क्योंकि जो वोट बीएसपी से खिसका है उसने बीजेपी को मजबूत किया है ऐसा राजनीतिक पंडित मान रहे हैं.चुनाव से ठीक पहले चंद्रशेखर रावण और एसपी के अखिलेश यादव के बीच कई दौर की बातचीत हुई. लेकिन गठबंधन नहीं हो सका.

We have summarized this news so that you can read it quickly. If you are interested in the news, you can read the full text here. Read more:

Quint Hindi /  🏆 16. in İN

Malaysia Latest News, Malaysia Headlines

Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.

बिहार के गोपालगंज के बथुआ बाजार में धमाका, 1 की मौत- डीएम ने बंद कराया बाजारबिहार के गोपालगंज के बथुआ बाजार में धमाका, 1 की मौत- डीएम ने बंद कराया बाजारBiharNews | बाजार के लोगों का कहना है कि पहली बार इस तरह का धमाका हुआ है जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल हो गया है.
Read more »

यूपी : अखिलेश यादव के EVM 'चोरी' के आरोप के बाद वाराणसी समेत तीन जगहों के अधिकारियों पर कार्रवाईयूपी : अखिलेश यादव के EVM 'चोरी' के आरोप के बाद वाराणसी समेत तीन जगहों के अधिकारियों पर कार्रवाईबनारस में EVM चोरी के आरोप मामले में ADM रैंक के अधिकारी को हटाया गया है. बरेली में मतगणना स्थल पर कूड़े को गाड़ी में पोस्टल वैलेट मिलने पर सपा कार्यकर्ताओं के हंगामे के बाद ज़िला प्रशासन ने आरओ-एसडीएम बहेड़ी पारुल तरार को हटा दिया है. एक अन्‍य मामले में सोनभद्र में एसडीएम को हटाया गया है.
Read more »

एग्जिट पोल्स के निष्कर्ष विश्वास के लायक हैं या महज़ गोरखधंधाएग्जिट पोल्स के निष्कर्ष विश्वास के लायक हैं या महज़ गोरखधंधाएग्जिट पोल्स के रूप में प्रचारित व प्रसारित की जा रहे कयासों की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि उनमें से कोई भी अपनी प्रविधि की वैज्ञानिकता व वस्तुनिष्ठता को लेकर इतना आश्वस्त नहीं करते कि उन्हें अटकलों से अधिक कुछ माना जाए.
Read more »

पंजाब के गेहूं व्यापारियों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है रूस-यूक्रेन युद्ध, जानिए कैसे?पंजाब के गेहूं व्यापारियों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है रूस-यूक्रेन युद्ध, जानिए कैसे?पंजाब के गेहूं व्यापारियों के लिए रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) फायदेमंद साबित हो सकता है. दरअसल, रूस और यूक्रेन दुनिया में 40 प्रतिशत गेहूं की सप्लाई करते हैं. यदि युद्ध लंबा खिचा तो पंजाब के गेहूं की डिमांड बढ़ेगी.
Read more »



Render Time: 2025-02-27 12:00:48